NPT को दरकिनार कर चीन ने पाकिस्तान को दिए एटमी रिएक्टर

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12:19 pm 1 Aug, 2016


नॉन-प्रोलिफिरेशन ट्रीटी (NPT) को दरकिनार कर चीन ने पाकिस्तान को न्यूक्लियर रिएक्टर दिया है। NPT का हवाला देते हुए चीन ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) में भारत की सदस्यता का पुरजोर विरोध किया था।

वहीं, अब चीन ने खुद की बनाई शर्तें तोड़ते हुए पाकिस्तान को न्यूक्लियर रिएक्टर्स मुहैया कराए हैं।

आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन (ACA) ने अपनी एक रिपोर्ट में चीन के इस निर्णय को NPT के नियमों के खिलाफ बताया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन एक ऐसे देश को (पाकिस्तान) को ये रिएक्टर्स दे रहा है, जो इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के स्टैंडर्ड्स पर खरा नहीं उतरता।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान के साथ ‘चस्मा-3’ एटॉमिक रिएक्टर के लिए करार किया।

गौरतलब है कि इससे पहले चीन ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत का रास्ता रोकने के लिए NPT का हवाला दिया था। चीन का कहना था कि बिना NPT पर हस्ताक्षर किए भारत के एनएसजी में शामिल होने से परमाणु अप्रसार को धक्का पहुंचेगा।

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ACA की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि चीन और पाकिस्तान के बीच यह डील साफ तौर पर IAEA मानकों का उल्लंघन है। पाकिस्तान ने न तो NPT पर साइन किए हैं और न ही वह IAEA के मानकों को मानता है।

यहां तक कि चीन भी वर्ष 2004 में NSG की सदस्यता मिलने के बाद NPT को ताक पर रखते हुए पाकिस्तान को 6 न्यूक्लियर रिएक्टर्स मुहैया कराए हैं। इन रिएक्टर्स का इस्तेमाल पाकिस्तान परमाणु हथियार विकसित करने में करता रहा है।

पाकिस्तान के साथ इस डील पर चीन ने कहा था कि यह सौदा वर्ष 2003 में उस वक्त हुआ था जब वह NSG का सदस्य नहीं था।

वर्ष 1970 में परमाणु हथियारों पर रोक लगाने के उद्येश्य से NPT का गठन किया गया था। इस समझौते के मुताबिक, इस पर दस्तख्वत करने वाले देश परमाणु हथियार विकसित नहीं कर सकते, लेकिन परमाणु क्षमता का इस्तेमाल ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं।

NPT पर अब तक 187 देशों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं। भारत ने अब तक NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, इसलिए उसे NSG की सदस्यता नहीं दी गई है।

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