7 ऐसे शुरुआती लक्षण जो कैंसर की चेतावनी देते हैं

6:13 pm 20 May, 2017


कैंसर (कर्क रोग) शब्द सुनते ही शरीर में एक सिहरन सी पैदा होती जाती है। लगभग पूरी दुनिया ही इस गंभीर बीमारी की जद में है। कैंसर एक बीमारियों का वर्ग है, जिसमें शरीर की असामान्य कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं और रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में फैल जाती हैं। हालांकि इस बीमारी का इलाज तो संभव है मगर बहुत देर हो जाने पर यह मृत्यु का कारण बनती है। एन.आई.सी.पी.आर (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च) के मुताबिक भारत में लगभग 2.5 मिलियन लोग इस बीमारी की चपेट में हैं। हर साल 7 लाख से ज़्यादा नए मरीज़ पंजीकृत होते हैं।

इंसानी शरीर की बनावट ही ऐसी है की वो कोई भी गंभीर बीमारी होने से पहले हमें कुछ संकेत देता है। आज हम आपको ऐसे ही 7 लक्षण बताने जा रहे हैं, जो कैंसर होने की आशंका ज़ाहिर करते हैं और हमें इन्हें कतई नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

त्वचा में सूजन (नेओप्लास्म्स)

नेओप्लास्म्स को चमड़ी या स्तन के कैंसर का लक्षण माना जाता है। इसमें स्तन और कांख में गांठें बन जाती हैं। सूजन में फोड़े पैदा हो जाते हैं जिसमें से पस निकलता है। अगर शरीर में कोई पैदाइशी निशान (बर्थमार्क) है तो उसकी बनावट और आकार में वृद्धि होने लगती है।

 

खांसी

वैसे तो खांसी एक से दो हफ़्तों में खुद ही ठीक हो जाती है, लेकिन अगर खांसी उससे ज़्यादा देर तक रहे तो समझ लीजिए की आपको चिकित्सक से सलाह लेने की ज़रूरत है। खांसी में खून आना और सांस लेने में तकलीफ होना फेफड़ों के कैंसर का कारण होता है।

 

आंत्र रोग

कभी कभी आंतों की समस्या सामान्य होती है, लेकिन अगर आपकी आतों में किसी प्रकार का बदलाव हो रहा है तो यह पेट के कैंसर का कारण हो सकता है। बार बार दस्त लगना और उसमें खून आना। लगातार पेट में दर्द और गैस का रहना भी इसके लक्षण हैं।

 


लघुशंका करते समय स्राव होना

लघुशंका करते समय स्राव होना गुर्दे के कैंसर (किडनी कैंसर) का लक्षण हो सकता है। बार- बार मूत्र में खून आना। उच्च रक्तचाप का होना। गुर्दों में तेज़ दर्द होना। पुरानी कमजोरी।

 

लगातार वज़न कम होना

वैसे तो वज़न कम करने के लिए हम कई तरह के व्यायाम करते हैं, यहाँ तक की अपने पसंद की खाने की चीज़ों से भी परहेज़ करने लगते हैं। लेकिन अगर बिना कुछ करे आपका वज़न तेज़ी से कम हो रहा है तो आपको सचेत हो जाने की ज़रुरत है। रक्तहीनता (एनीमिया) भी इसका लक्षण हो सकता है।

 

लगातार गले में ख़राश रहना

अगर आपके गले में लगातार ख़राश रहती है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह गले के कैंसर का लक्षण हो सकता है। खांसते वक़्त गले में दर्द होना और खून आना, निगलने में परेशानी होना, लसीका ग्रंथि में सूजन आना भी इसके लक्षण हैं।

अत्यधिक थकान

यदि आप शारीरिक श्रम कम करते हैं और नींद भी भरपूर मात्रा में लेते हैं फिर भी जल्दी थक जाते हैं, तो आपको चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। अत्यधिक थकान भी कई तरह के कैंसर का लक्षण हो सकती है।

यह अवलोकन खुद से किसी निष्कर्ष पर पहुचने के लिए नहीं है। यदि आपको भी इनमे से कोई लक्षण दिखे या महसूस हो तो चिकित्सक से परामर्श ज़रूर लें।

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