26/11 के नायक मेजर संदीप ने अपनी जान पर खेलकर की लोगों की हिफाज़त, उनकी शहादत को नमन

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1:51 pm 15 Mar, 2016

“वीरों की धरा पे तूने है लिया जन्म
मां के वीर लाड़लो की है तुझे कसम,
काल भी हो सामने, उखड़ न पाए पांव
आंधियों को मोड़ दे, तू बन के तूफान।


26/11 के आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर के रख दिया था। उस हमले में शहीद हुए 31 वर्षीय मेजर संदीप उन्नीकृष्ण की शहादत को हर कोई नमन करता है। संदीप ने अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने देश के लोगों, अपने वतन की हिफाज़त के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी।

अपनी जान पर खेलकर कई लोगों की जान बचाने वाले मेजर संदीप उन्नीकृष्णनन का जन्म 15 मार्च 1977 को हुआ था।

31 वर्षीय मेजर संदीप ने होटल ताज में आतंकियों से डटकर लोहा लिया और आतंकियों के चंगुल से कई लोगों को सुरक्षित निकाला।

वह भारतीय सेना में बतौर NSG कमांडो तैनात थे। 26/11 हमले में ताज होटल के बचाव का दायित्व उन्हें सौंपा गया था।

मेजर संदीप ने कारगिल में लड़ते हुए पाकिस्तान के कई फौजियों को भी ढेर कर दिया था।

संदीप उन्नीकृष्णन 28 नवम्बर, 2008 को मुंबई हमले में आतंकियों और NSG कमांडो के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए।

भारत सरकार ने उनकी अदम्य बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरान्त अशोक चक्र से नवाज़ा।

सेना के सबसे मुश्किल कोर्स ‘घातक कोर्स’ में उन्होंने सर्वप्रथम स्थान हासिल किया था।

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