असल जिंदगी का प्यार हो या बॉलीवुड का प्यार, साइकिल की रही है खास भूमिका

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4:33 pm 20 Aug, 2016


प्यार के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते हैं। मिलिए इस चित्रकार से जिसने पत्नी से मिलने के लिए दिल्ली से स्वीडन तक का सफर तय किया। वह भी साइकिल से। यहां जिस शख्स की बात हो रही है, उनका नाम है प्रद्युम्न कुमार महानंदिया।

प्रद्युम्न की प्रेम कहानी की शुरुआत कॉलेज से हुई। 1971 में मूल रूप से उड़ीसा के देनकनाल से आने वाले प्रद्युम्न ने दिल्ली आकर यहां के आर्ट कॉलेज में दाखिला लिया और एक बेहतरीन चित्रकार के रूप में अपनी पहचान बनाई।

यहीं पर प्रद्युम्न की मुलाक़ात 19 साल की शेरलॉट वॉन स्केडविन से हुई। धीरे-धीरे ये मुलाकाते प्यार में बदल गई। स्केडविन को इस हुनरमंद और सरल कलाकर से प्यार हो गया और दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद शेरलॉट ने अपना नाम बदलकर चारुलता रख लिया।

शेरलॉट का वीज़ा खत्म होने की वजह से वह स्वीडन वापस चली गईं। कुछ दिन के बाद प्रद्युम्न अपनी पत्नी से मिलने स्वीडन जाना चाहते थे, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि हवाई जहाज का किराया दे सके।

पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी से मिलने के लिए अपनी सारी चीजें बेच दीं और एक सेकन्ड हैंड साइकिल खरीदी। इसके बाद 1978 में प्रद्युम्न अपने प्यार को पाने के लिए मीलों के सफर पर निकल पड़े।

इस सफर के दौरान वह पहले दिल्ली फिर अमृतसर से होते हुए अफगानिस्तान, ईरान, टर्की, बुल्गारिया, यूगोस्लाविया, जर्मनी, ऑस्ट्रिया और डेनमार्क से गुजरे और जहां उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

साइकिल की टूट-फूट, खाने-पीने की परेशानी के साथ उनके सफर में कई मुश्किलें आईं लेकिन वो आगे बढ़ते गए। करीबन 5 महीने के इस सफर के बाद वह अपने प्यार शेरलॉट के पास स्वीडन पहुंचे।

जिस तरह से प्रद्युम्न ने साइकिल पर सवार हो अपने प्यार से मिलने के लिए कई मीलों का सफर तय किया, वहीं फ़िल्मी जगत भी कई दशकों से साइकिल पर प्यार की कहानियों को बुनाता आया है।

बॉलीवुड रोमांस के बिना अधूरा है। 60 साल पहले जब जिंदगी एक दम सरल हुआ करती थी, कार और मोटरबाइक का ट्रेन्ड नहीं था, उस वक़्त बॉलीवुड में रोमांस, साइकिल पर खिल-खिलकर हुआ करता था। हमने अक्सर देखा भी है कि हीरो साइकिल चला रहा होता है और हीरोइन आगे बैठी होती है, साथ ही बैकग्राउंड में गाने के बोल चल रहे होते। ऐसी ही कई फिल्मों के गाने और दृश्य हैं जो आपके चेहरे पर हल्की मुस्कराहट बिखेर देंगे, और खुद आप भी उन पलों को जीना चाहेंगे।

आइए आपको ले चलते हैं साइकिल के इस दिलचस्प बॉलीवुड सफर पर:

बॉलीवुड का “स्वर्ण युग”

अपने समय के जाने-माने हास्य कलाकारों में से एक जॉनी वॉकर ने हिन्दी सिनेमा के स्वर्ण युग में गानों में साइकिल पर सवार होकर, अपनी एक खास छाप छोड़ी।

1958 में आई फिल्म “सितारों के आगे” में उनपर फिल्माया गाना “प्यारे रुक जा” में साइकिल पर सवार होकर अपनी अदाकारी के जरिए उन्होंने गाने को मस्त अंदाज में फिल्माने में मुख्य भूमिका अदा की।

यह गाना वाकई मजेदार है आप भी सुनिए:

कुछ साल बाद ही, जॉनी वॉकर 1966 में “सुनो सुनो मिस चटर्जी” गाने में दिखाई दिए। इस फिल्म में भी साइकिल पर सवार उनका वही मस्तमौला खासा अंदाज दिखाई दिया।

Johny

इसी बीच, देव आनंद साहब को भला कैसे भूल सकते हैं कि 1957 की फिल्म पेइंग गेस्ट में किस तरह से वह साइकिल पर आकर अपनी नाराज प्रेमिका को मनाने की कोशिश में लग जाते हैं। यह गाना था “माना जनाब ने पुकारा नहीं“। यह एक और बेहद ही प्यार गाना है, जिसे आपको जरूर सुना चाहिए।

Dev anand

1961 में महमूद अपनी साइकिल पर सवारी करते हुए आकाश में पंछियों को देखते हुए, अपनी महबूबा से मिलने की सोचते हुए, “प्यासे पंछी नील गगन” गुनगुनाते हैं।

Mehmood

बॉलीवुड जगत में साइकिल पर सिर्फ हीरो ने ही नहीं रोमांस के तार छेड़े हैं, बल्कि नायिकाओं ने भी इस पर सवार हो प्यार की ताने छेड़ी हैं। “पुकारता चला हूं मैं” में नायक बिश्वजीत अपनी खुली जीप पर आशा पारेख का पीछा करते हैं, जो अपनी सहेलियों के साथ साइकिल पर सवार होती हैं।

एक और ऐसे ही एक गाने ‘मेरे पीछे एक दीवाना” में राजकपूर एक आशिक दीवाने की तरह अपनी साइकिल पर वैजयंती माला का पीछा करते दिखते हैं।

Raj Kapoor


बॉलीवुड का “मसाला युग”

साइकिल पर रोमांस जोरों-शोरों से चल रहा है। इस बीच, अमिताभ बच्चन शशि कपूर के साथ, पहले अभिनेताओं के नक्शेकदम पर चलते हुए “जानू मेरी जान” गाने में साइकिल में लड़कियों को टुकुर-टुकुर निहारते दिखते हैं।

Amitabh and Rishi

बॉलीवुड का “रोमांटिक युग”

1989 में आई सलमान की फिल्म “मैंने प्यार किया” आज भी युवाओं के दिलों में प्यार के जज्बातों को उफान पर ला देती हैं।  इसमें सलमान खान अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ साइकिल पर रोमांस करते हुए नजर आते हैं।

वहीं गोविंदा और जूही चावला पर फिल्माया गया गाना “चांदी की साइकिल सोने की सीट” में साइकिल पर उनका रोमांस देखते ही बनता है।

Juhi and Govinda

और फिर आई आमिर खान की “जो जीता वही सिकंदर“, जिसमें बॉलीवुड को असल में साइकिल पर केंद्रित फिल्म मिली। यह फिल्म इंटर कॉलेज के एक साइकिलिंग मैराथन पर आधारित थी, जिसमें आमिर खान अभिनेत्री आएशा जुल्का के साथ पर्दे पर रोमांस करते हुए दिखाई दिए।

Jo jeeta vahi sikandar

हालांकि यह भारतीय सिनेमा का रोमांटिक दौर था, लेकिन ब्लैक एंड व्हाइट के उस दौर की तरह अब आज के सिनेमा के दौर में ये कहीं कम हो गया है। हालांकि, लेकिन जब भी बॉलीवुड में मासूमियत और प्यार भरे रोमांस को पर्दे पर उतारने की बात आती है तो फिर से एक बार हमारा फिल्म जगत साइकिल की तरफ ही जाता है।

जैसा कि बर्फी” फिल्म में रणबीर और इलियाना साइकिल पर सवार होते हुए, संकरी गलियों में घूमते हुए, प्यार की हसीं गुफ्तगू करते हैं।

पीकू” फिल्म में अमिताभ बच्चन भी अपने युवा दिनों को याद करते हुए कोलकाता की गलियों में घूमते नजर आते हैं।

Piku and Barfi

बॉलीवुड का “तकनीकी युग”

इस दौर तक आते-आते साइकिल आधुनिक रूप में आ चुकी है। मल्टी गियर साइकल्स से लेकर, कई फीचर्स के साथ लैस ये साइकल्स, अंग्रेजी में बोले तो स्टाइलिश है।

पीके फिल्म में भी दूसरे गृह से आया पीके यानी की आमिर खान, अनुष्का शर्मा की साइकिल पर सवार होकर भगवान को खोजने की कवायद में लग जाता है।

Anushka PK scene

और अगर आप करीना के प्रशंसक हैं, तो आपको यह पता होना ही चाहिए कि करीना ने अपने साथी अभिनेताओं के साथ सबसे ज्यादा रोमांस साइकिल पर ही किया है। चाहे वो “बजरंगी भाईजान” की रसिका हो या “जब वी मेट” की गीत, उनका रोमांस साइकिल पर दिखाई दिया।

kareena romance

हमें जैसा कि पता है सलमान को राइडिंग का बहुत शौक है। वह अक्सर अपनी साइकिल ले मुम्बई की सड़कों पर निकल आते हैं। “किक” का सलमान का यह स्टंट तो याद होगा ही:

Kick salman stunt

तो बॉलीवुड का साइकिल प्रेम अक्सर बड़े पर्दे पर दिखाई पड़ ही जाता है। ब्लैक एंड वाइट का वह दौर अलग था, आज का दौर अलग है, लेकिन साइकिल से जुड़ा लगाव आज के वक़्त में भी कायम है।

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