पाकिस्तान को आतंकी देश करार देने के लिए अमेरिकी संसद में विधेयक

11:08 am 21 Sep, 2016


पाकिस्तान को आतंकी देश करार देने के लिए अमेरिकी संसद में विधेयक पेश कर दिया गया है। रिपब्लिकन पार्टी के सांसद टेड पो ने एक अन्य सांसद डाना रोहराबेकर के साथ हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में ‘पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म डेजिगनेशन एक्ट (HR 6069)’ पेश किया।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में टेररिज्म पर बनी सबकमेटी के चेयरमैन टेड पो ने इस विधेयक को पेश करते हुए कहाः

“पाकिस्तान को उसकी दुश्मनी निकालने के लिए पैसा देना बंद कर देना चाहिए। उसे वह घोषित करना चाहिए, जो वह वाकई है। पाकिस्तान एक ऐसा सहयोगी है, जिसपर भरोसा नहीं किया जा सकता। वह कई सालों से अमेरिका के दुश्मनों को मदद दे रहा है।”


हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव को पो ने कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सैन्य कैम्प पर हुए हमले की कड़ी निन्दा की। इस हमले में भारत के 18 जवान शहीद हो गए थे। पो ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने न केवल ओसामा बिन लादेन को अपने यहां शरण दी, बल्कि उसके आतंकवादी समूह हक्कानी नेटवर्क के साथ भी संबंध अच्छे हैं। पो के मुताबिक, ये सबूत साफ तौर पर इशारा करते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में पाकिस्तान किस तरफ है।

बताया गया है कि इस बिल पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को 90 दिनों के भीतर जवाब देना होगा कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का समर्थन करता है या नहीं।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई है। ओबामा ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर संयुक्त राष्ट्र में अपने अंतिम भाषण में कहा कि जो देश परोक्ष युद्ध छेड़े हुए हैं, उन्हें ऐसा तुरंत बंद कर देना चाहिए। गौरतलब है कि भारत लंबे समय से पाकिस्तान के परोक्ष युद्ध का शिकार होता रहा है।

माना जा रहा है कि उरी पर हमले के बाद पाकिस्तान को अलग-थलग गिए जाने की भारत की मुहिम रंग ला रही है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 5 नियमित सदस्यों में भारत को चार का समर्थन मिल गया है। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस ने खुलकर भारत के पक्ष में आने की बात कही है।

इस बीच, अफगानिस्तान और बांग्लादेश ने कहा है कि वे इस साल नवंबर महीने में इस्लामाबाद में होने वाली SAARC सम्मेलन का बहिष्कार कर सकते हैं।

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