भारत में 3,800 किमी. की दूरी दौड़कर तय करेगी यह विदेशी महिला, जानिए क्यों?

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4:00 pm 26 Aug, 2016


भारत के शिक्षा से वंचित हजारों बच्चों के लिए आस्ट्रेलिया की मैराथन धाविका सामन्था गाश 3,800 किलोमीटर की दौड़ लगाने जा रही हैं। नवंबर तक चलने वाले इस मैराथन की शुरुआत राजस्थान के जैसलमेर से होगी।

सूत्रों के मुताबिक लगभग 80 दिनों तक चलने वाले इस मैराथन का समापन मेघालय के मासिनराम पर होगा। 31 वर्षीय सामन्था पेशे से वकील भी रह चुकी है। वह वंचित बच्चों की शिक्षा के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से ‘रन इंडिया’ में भाग लेंगी।

सामन्था के लिए यह अभियान किसी चुनौती से कम नहीं होगा। सामन्था बताती हैंः

“यह मेरी अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन जब आप उन चुनौतियों के बारे में सोचते हैं, जो हजारों बच्चों को झेलना पड़ता है, तो उनके आगे यह कुछ नहीं है।”

सामन्था के नाम 2010 में ‘फोर डेजर्ट ग्रैंड स्लैम’ में सबसे कम उम्र की धाविका बनने का मुकाम हासिल है। सामन्था विश्व के दुर्गम स्थानों जैसे चिली, चीन, मिस्र और अंटार्कटिका के रेगिस्तानों के अलावा नेपाल, न्यूजीलैंड और भारत के कठिन पहाड़ों के पर पहले भी सफल दौड़ लगा चुकी हैं।

वर्ष 2010 में उनकी मैराथन ज़िंदगी पर ‘डेज़र्ट रनर’ नामक फिल्म भी बन चुकी है, जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका भी निभाई थी।

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इस प्रश्न का जवाब देते हुए कि आखिर उन्होंने दौड़ लगाने के लिए भारत को ही क्यों चुना, सामन्था कहती हैंः

“मुझे भारत की विविधता से प्यार है। हालांकि, यहां के बच्चों को जिन मुसीबतों का सामना करना पड़ता है, वह हृदयविदारक है।इसलिए उन बच्चों के हाथ साफ करने की खातिर मैं अपने हाथों को गंदा करने के लिए तैयार हूं।

आपको बता दें और विदेशी हस्तियों और पर्यटकों की तरह सामन्था भी अपने भारत दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं। वह भी भारत की विविधिता और लज़ीज़ व्यंजनों का लुफ्त उठना चाहती हैं। उनकी दिली इच्छा है की वह भारत आकर दाल-रोटी और पालक पनीर का ज़ायक़ा ज़रूर चखें।

वंचितों को बेहतर शिक्षा है रन इंडिया का संकल्प

रन इंडिया का लक्ष्य छह वैश्विक दृष्टि विकास परियोजनाओं के लिए फंड जुटाना है। इसके तहत जयपुर, बाड़मेर, कानपुर, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली, हरदोई और पौड़ी में कमजोर तबके से आने वाले बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दिया जाएगा।

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