बौद्ध संस्कृति से जुड़े हुए 12 आकर्षक और प्रभावी पहलू

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8:53 pm 10 Sep, 2015

बौद्ध धर्म ने सरल और सुंदर जीवन जीने के लिए दुनिया भर के लोगों को प्रेरित किया है। आधुनिक युग में, कई युवाओं को बौद्ध संस्कृति अपनाते और इसके सिद्धांतों पर अमल करते हुए देख सकते है। तो आख़िरकार क्या ख़ास है बौद्ध संस्कृति में जो लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है? आइए जानते है।

1. शांति संदेश

जहाँ एक तरफ इस विश्व में सभ्य लोग हैं, तो वहीँ ये दुनिया बुराई फैलाने वालों से भी भरी हुई है। आतंकवाद आधुनिक दुनिया के सबसे विनाशकारी पहलुओं में से एक है। ऐसे समय में, बौद्ध दर्शनशास्र द्वारा प्रचारित शांति के संदेश का महत्व बढ़ जाता है।

2. अहिंसा

बौद्ध संस्कृति के प्रमुख आकर्षक पहलुओं में से एक अहिंसा है। अन्य धर्मों के कर्मकांड में बौद्ध धर्म हस्तक्षेप नहीं करता। इससे अन्य धर्म व संस्कृतियों के साथ उनके सामंजस्यता का पता चलता है। विश्व शांति के एजेंडे ने बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को मानने वालों के समक्ष अहिंसा के विचारों को दृढ़ किया है।

3. प्रार्थना ध्वज

प्रमुख बौद्ध क्षेत्र में टहलते हुए, आप ढेर सारे रंगीन प्राथना झंडे देख सकते है। इन रंगीन झंडों में बौद्ध मंत्रों को अंकित किया जाता है। ऐसी मान्यता प्रचलित है कि जब भी यहाँ हवा का प्रवाह होता है, इन मंत्रों की सकारात्मकता सभी क्षेत्रों में प्रवाहित होती है।

4. थंगक कला

यह बौद्ध संस्कृति की एक बेहद प्रसिद्ध कला है। थंगक कलाकृतियाँ बेहद ही बारीक और उत्कृष्ट होती हैं जो कि प्रशिक्षित कलाकारों द्वारा बनाई जाती है। कलाकारों को एक थंगक कलाकृति बनाने में कई महीने लग जाते हैं, क्योंकि यह अविरल कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम होता है।

5. ध्यान क्रिया

ध्यान भी कला का ही एक नमूना है। यह परम्परा बौद्ध संस्कृति में सदियों से चली आ रही है। ऐसा प्रचलित है कि इस संप्रदाय के संत गोपनीय स्थानों और गुफाओं में आज तक ध्यान में लीन हैं। एक शांतिप्रिय बौद्ध मंदिर में ध्यान करना बेहतरीन अनुभवों में से एक है।

6. भोजन

बौद्ध धर्म में पशु मांस के सेवन की सख्त मनाही है। महायान संप्रदाय इस पहलू के संबंध में थोड़ा सचेत है। बौद्ध भोजन के प्रमुख व्यंजनों में सब्जियां निहित हैं और साथ में गेहूं के लस का सेवन किया जाता है।

7. मठधारी के योग


साधुओं के व्यायाम और योग की अपनी शैली है। उनके योग-आसन और प्रथाएं सामान्य लोगों से अलग हैं। इस तरह की क्रिया बहुत ही कम समय में लाभदायक एवं सकारात्मक परिणाम दिखाती है। यह व्यायाम शैली बहुत ही संतोषजनक और फलदायक है।

8. धार्मिक देशभक्ति

बौद्धों में अपने धर्म को लेकर एक मजबूत आत्मीयता है। वह अपनी मातृभूमि से अधिक अपने धर्म से जुड़े हैं। इस संस्कृति के सकारात्मक पहलू और आकर्षण इससे जुडे हुए लोगों को सभी परिस्थितियों में एकसाथ बांधकर रखते है। चीन और तिब्बत के बीच संघर्ष का बौद्धों की धार्मिक भक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

9. जनजातियों की एकजुटता

अधिकांश बौद्ध, आदिवासी संस्कृति का अनुगमन कर रहे है। जहाँ उनकी एकजुटता स्पष्ट दिखाई देती है। बौद्ध देशों ने कई निष्ठुर जलवायु परिस्थितियों का सामना किया है। इसी कारक को आदिवासियों से इनकी निकटता का कारण माना जाता है।

10. बौद्ध मंत्र

बौद्ध संस्कृति का सबसे शक्तिशाली मंत्र “ॐ मणि पद्मे हूँ” संपूर्ण विश्व के लोगों द्वारा अपनाया गया है, जिसका उच्चारण वह नित्य रूप से करते है। बौद्ध मंत्र श्रोताओं पर एक गहरा सकारात्मक प्रभाव डालते है जो कि मन की शांति के लिए अनिवार्य है।

11. सरल अनुष्ठान

अन्य जटिल धर्मों के विपरीत, बौद्ध धर्म जटिल अनुष्ठानों का अनुसरण नहीं करता जो कि एक व्यक्ति को बलिदानों की ग्रंथि और समायोजन में बांधकर रखता है। बौद्ध मान्यताओं की पवित्रता में सादगी निहित है।

12. समारोह

बौद्ध उत्सवों में मुखौटा पहने लोगों का पारंपरिक नृत्य और उनके देवी-देवताओं के महान युद्धों की कहानियाँ लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र होती है। बौद्ध समारोहों को बड़े पैमाने में धूम-धाम से मनाया जाता है।

ऊपर लिखे गए बिंदुओं में बौद्ध धर्म के प्रति लोगों की बढ़ती आत्मीयता के पीछे के कारणों को बेहद कम शब्दों में दर्शाया गया है। बौद्ध धर्म की सांस्कृतिक विरासत है और वर्तमान में भी संपूर्ण दुनिया में शांति-प्रेमियों को प्रभावित कर रही है।

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