भारतीय सेना का ‘शत्रुजीत’ अभियान करेगा भारत के शत्रुओं को परास्त, रणनीति में जुटी सेना

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5:15 pm 15 Apr, 2016


अंग्रेजी समाचार पत्र में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना थार के रेगिस्तान में एक बड़े पैमाने पर व्यापक अभ्यास करने जा रही है। इस अभियान को ‘शत्रुजीत’ कोडनेम नाम दिया गया है।

इस रणनीति के तहत भारतीय सेना घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं और पाकिस्तान से लगी सीमा पर हो रहे हमलों से निपटने और उनका तुरंत जवाब देने के लिए अपनी युद्ध रणनीति को सक्षम बनाने में जुट गई है।

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रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सेना के इस उच्च स्तरीय अभियास में सेना की कई आर्मड, आर्टिलरी और इनफैंट्री टुकड़ियां इसमें शामिल होने जा रही हैं। यह अभ्यास न्यूक्लियर, जैविक और रसायनिक युद्धक्षेत्र जैसे माहौल में होगा। जिससे भारतीय सेना भविष्य में आने वाले ऐसे हर हालात से निपटने में सक्षम होगी।

इस अभ्यास का संचालन भारतीय सेना की तीन प्रमुख स्ट्राइक कोर में से एक 18 लाख की संख्या वाली मथुरा की ‘1 कोर’ करेगी। इसके साथ ही यह अभ्यास साउथ वेस्टर्न कमांड के जयपुर स्थित हेडक्वॉर्टर की निगरानी में संचालित किया जाएगा।

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इस शत्रुजीत अभियान के तहत 2 से 3 हजार सैनिकों की पैराड्रॉपिंग भी की जाएगी।

वहीं इस अभियान में सेना के साथ लॉन्ग रेंज की आर्टिलरी और एयर फोर्स भी शामिल होगी।


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थल सेना अध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग इस अभियान का निरीक्षण करेंगे।

भले ही पकिस्तान के पास 60 किमी तक मार करने वाली नस्र (हत्फ-9) मिसाइल, ‘शाहीन’ और ‘गौरी’ सीरीज जैसी लंबी दूरी तक मार करने वाली कई मिसाइलें हैं, लेकिन भारत के शस्त्रागार में कई ऐसे मिसाइलों का जत्था है जो पल भर में पाकिस्तान के कई शहरों को निस्तेनाबूत कर पाने सक्षम है।

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सेना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान परमाणु हथियारों का बचकाना इस्तेमाल कर सकता है लेकिन भारत की नीति इस मसले को लेकर स्पष्ट है। भारत परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा।

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