26 साल बाद गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होगी आर्मी की डॉग स्क्वॉयड

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5:18 pm 17 Jan, 2016

भारतीय सेना का डॉग स्क्वॉयड इस गणतंत्र दिवस में होने वाली परेड में शामिल होने जा रहा है। इस स्क्वायड ने कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में सेना का साथ दिया है और सैन्यकर्मियों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

गौरतलब है कि आर्मी डॉग स्क्वॉयड में 1200 प्रशिक्षित लैब्राडोर और जर्मन शेफर्ड डॉग हैं, जिनमें से 26 जनवरी को होने वाली परेड में 36 आर्मी डॉग्स को शामिल किया गया है।

आतंकी गतिविधियों को नाकाम करने और महत्वपूर्ण सुराग तलाशने में यह आर्मी डॉग स्क्वॉयड बेहद कारगर साबित होते हैं। इस परेड में आर्मी डॉग स्क्वॉयड को 26 साल बाद शामिल किया जा रहा हैं। इससे पहले 1990 में डॉग स्क्वॉयड ने गणतंत्र दिवस में हिस्सा लिया था।


यह डॉग स्क्वॉयड मेरठ के रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स (RVC) स्कूल का है। मेरठ डॉग ट्रेनिंग स्कूल के कैप्टन अनुराग बरुआ का कहना है कि परेड में शामिल डॉग्स को दिन में तीन बार प्रैक्टिस कराई जाती है, तो वहीँ इन डॉग्स को परेड के लिए पिछले 4 महीनों से ट्रेनिंग दी जा रही है।

1960 में आर्मी का पहला स्पेशल डॉग ट्रेनिंग स्कूल मेरठ में बनाया गया था। इस स्कूल में आर्मी ट्रेनर डॉग्स को सुरागों को खोजने और लैंडमाइन का पता लगाने की ट्रेनिंग देते हैं। इस स्क्वॉयड को एक शौर्य चक्र, 6 सेना मेडल सहित कई सम्मान से नवाज़ा गया है।

Indian army dog squad

एक RTI से यह बात सामने आई थी कि इन रिटायरमेंट के बाद इन आर्मी डॉग्स को मार दिया जाता है, जिसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट को एक PIL (जनहित याचिका) दायर की गई थई। इसके जवाब में सरकार ने कहा था कि वह इस मुद्दे पर अगले 6 महीने में नई नीति लेकर आएगी।

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