मिलिए उस बच्चे से जिसने गाया था ‘चड्डी पहन कर फूल खिला है’

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12:00 pm 11 Apr, 2016

‘मोगली’..! बचपन की सुनहरी किताब का वह पन्ना, जिसे मेरी ही तरह लाखों लोगों ने यादों के संदूक में सहेज़ कर रखा होगा। मुझे याद है उस समय मैं बोर्डिंग स्कूल में पढ़ा करता था और यकीन मानिए हमारे लिए सोमवार से रविवार तक का इंतज़ार किसी पहाड़ से कम नही था।

इस कार्यक्रम को देखने के लिए वॉर्डन को रिझाने से लेकर रविवार के वो सारे ‘खास कार्य’ अनुशासन से पूर्ण हों, इसके लिए हम हमेशा ही चिंतित रहे। इस धारावाहिक का गुलजार का लिखा मशहूर गाना ‘जंगल जंगल बात चली है पता चला है’ हमारे लिए किसी नशे से कम नहीं था।

दोस्तों को चिढ़ाना हो या खाली क्लास में साथियों के साथ मिल कर गुनगुनाना। यह गाना उन दिनों हमेशा ही जुबान पर चढ़ा रहा। लेकिन क्या आपको पता है कि बचपन की अनमोल यादों से जोड़ने वाला गाना आखिर गाया किसने था ?

अमोल हैं इस अनमोल गाने की आवाज़।

दूरदर्शन के सीरियल ‘द जंगल बुक’ के इस गीत को आवाज़ देने वाले अमोल सहदेव तब मात्र नौ साल के थे। उनको यह गाना एक कविता की तरह याद कराया गया था। अमोल सहदेव बताते हैं कि उस समय वह चौथी कक्षा के छात्र थे और रिकॉर्डिंग के वक्त बहुत डरे हुए थे। उन पलों को याद करते हुए सहदेव कहते हैं कि स्टूडियो में गुलजार साहब, विशाल भारद्वाज और रेखा भारद्वाज मौजूद थे।

तब विशाल भारद्वाज ने अमोल को अपनी गोद में बिठा कर कहा था कि आंखे बंद करो और गा दो। 33 साल के हो चुके अमोल एक बडी टेलिकॉम कंपनी से जुड़े हुए हैं। उनका एक छोटा बेटा भी है, जो यूट्यूब पर जंगल बुक का गाना सुनते ही पापा-पापा करने लगता है।


मोगली के दो दशक से भी अधिक के सफर के बारे में अमोल बताते हैंः

”तब मुझे कुछ भी मालूम नहीं था, सबने मिलकर हमें कविता की तरह गाना याद कराया और मैंने कविता के तौर पर ही गा दिया था। बाद में पता चला कि गाना इतना हिट हो गया।”

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परिवार संग अमोल सहदेव amarujala

सच तो यह है कि यह गाना सिर्फ हिट ही नहीं हुआ, बल्कि वो तमाम यादें भी दे गया, जिसको गुनगुनाते न जाने मेरी ही तरह कितने लोगों का बचपन गुजरा। तो आइए एक बार फिर सुनते हैं, वहीं गाना- जिसमें मेरा, आपका और उस समय बच्चे रहे तमाम लोगों का बचपन कहीं न कहीं जिन्दा है।

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