सियाचिन में 2013 से अब तक 41 जवान हो चुके है शहीद

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4:53 pm 30 Apr, 2016

दुनिया के सबसे दुर्गम क्षेत्र में आने वाले सियाचिन में बीते तीन सालों में 41 जवानों की मौत हुई है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में इसकी जानकारी दी।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने लोकसभा में बताया कि साल 2013 में 10, 2014 में 8, 2015 में 9 और इस साल 31 मार्च तक 41 जवानों की मौत हो चुकी है।

दुनिया के सबसे ऊंचे लड़ाई के मैदान सियाचिन में इन जवानों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई।

उन्होंने बताया कि ऊंचाई वाली पहाड़ियों और बर्फीले इलाकों में तैनात सेना के जवानों को उच्च कौशल में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। पर्रिकर ने बताया कि सभी चौकियों पर उचित आपात स्थितियों से निपटने के लिए मेडिकल सुविधा उपलब्ध रहती है।

उन्होंने कहा कि खराब मौसम से बचने के लिए हर तरह के उपयोगी उपकरण और गर्म कपड़े मुहैया कराए जाते हैं। किसी भी अनपेक्षित घटना से निपटने के लिए अत्याधुनिक स्नो स्कूटर को प्रयोग में लाया जाता है।




खासतौर पर विशेष उपकरणों को बर्फीले तूफानों के आने के सबसे ज्यादा संभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उपलब्ध कराया गया है।

ऐसे दुर्गम इलाकों में मौसम की स्थिति पर ख़ासा पैनी नज़र रखी जाती है। साथ ही समय-समय पर मौसम सबंधी चेतावनी भी जारी की जाती है।



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